25 मार्च को विश्वभर में कुछ विशेष दिवस मनाए जाते हैं, जो ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं। इस दिन की महत्ता विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग होती है। नीचे 25 मार्च से संबंधित प्रमुख दिवसों, घटनाओं और उनकी पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
1. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर – International Day of Remembrance of the Victims of Slavery and the Transatlantic Slave Trade
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 25 मार्च को हर वर्ष "ट्रांस-अटलांटिक गुलाम व्यापार और गुलामी के पीड़ितों की स्मृति का अंतरराष्ट्रीय दिवस" (International Day of Remembrance of the Victims of Slavery and the Transatlantic Slave Trade) के रूप में मनाया जाता है।
इस दिवस का उद्देश्य:
गुलामी और दास व्यापार के इतिहास को याद करना।
उन करोड़ों लोगों को श्रद्धांजलि देना जो इस क्रूर प्रथा का शिकार बने।
लोगों को नस्लीय भेदभाव, असहिष्णुता और मानवाधिकार हनन के खिलाफ जागरूक करना।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
15वीं से 19वीं सदी के बीच यूरोपीय उपनिवेशवादियों द्वारा अफ्रीका से लाखों लोगों को गुलाम बनाकर अमेरिका, कैरेबियन और यूरोप ले जाया गया। उन्हें अनैतिक और अमानवीय परिस्थितियों में खेतों, खानों और अन्य स्थानों पर कार्य कराया जाता था। यह मानव इतिहास की सबसे काली घटनाओं में से एक थी।
25 मार्च को ही क्यों?
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में यह दिवस घोषित किया था और पहली बार इसे 2008 में मनाया गया। यह दिन हमें याद दिलाता है कि किस तरह मानवता ने एक लंबे समय तक गुलामी जैसी अमानवीय व्यवस्था को सहा, और अब हमें समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे की ओर बढ़ना है।
2. ग्रीक स्वतंत्रता दिवस (Greek Independence Day)
25 मार्च को ग्रीस में "स्वतंत्रता दिवस" (Greek Independence Day) मनाया जाता है। यह दिवस 1821 में ओटोमन साम्राज्य से स्वतंत्रता प्राप्त करने के संघर्ष की शुरुआत की स्मृति में मनाया जाता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
1821 में ग्रीक लोगों ने ओटोमन साम्राज्य के खिलाफ विद्रोह किया और कई वर्षों तक संघर्ष किया।
1832 में ग्रीस को आधिकारिक रूप से स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
यह दिन ग्रीस के लिए गर्व और देशभक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक समारोह होते हैं।
3. धार्मिक दृष्टि से – पवित्र घोषणा दिवस (Annunciation Day)
25 मार्च को ईसाई धर्म में "Annunciation" (पवित्र घोषणा दिवस) मनाया जाता है। यह दिन उस घटना की स्मृति में मनाया जाता है जब ईश्वर के दूत गेब्रियल ने वर्जिन मैरी को यीशु के जन्म की घोषणा की थी।
धार्मिक महत्ता:
यह दिन यीशु मसीह के अवतरण की सूचना देने की स्मृति में मनाया जाता है।
ईसाई धर्म में इसे विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है और इस दिन चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं।
4. भारत में विशेष घटनाएं
हालांकि भारत में 25 मार्च को कोई राष्ट्रीय अवकाश नहीं होता, लेकिन कई बार यह दिन विभिन्न ऐतिहासिक या सामाजिक घटनाओं के कारण चर्चा में आता है। उदाहरण के लिए:
(1) कोरोना वायरस लॉकडाउन की शुरुआत (2020)
24 मार्च 2020 की रात को भारत सरकार ने COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया था।
25 मार्च 2020 से यह लॉकडाउन लागू हुआ था।
यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम था, जिसने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया।
(2) नववर्ष की शुरुआत (कभी-कभी)
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की प्रतिपदा को नववर्ष का आरंभ होता है, जो कभी-कभी 25 मार्च को भी आता है।
इस दिन गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र), उगादी (कर्नाटक और आंध्र प्रदेश) जैसे त्योहार भी मनाए जाते हैं, अगर वह तिथि उस दिन पड़ती है।
5. अन्य ऐतिहासिक घटनाएं (25 मार्च को घटी प्रमुख घटनाएं)
1957 – यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) की स्थापना के लिए रोम संधि पर हस्ताक्षर किए गए।
1971 – पाकिस्तान सेना ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू किया, जो बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की शुरुआत बनी।
1995 – शेंगेन समझौता लागू हुआ, जिससे यूरोपीय देशों के बीच सीमाओं को पार करना आसान हो गया।
निष्कर्ष:
25 मार्च का दिन इतिहास, धर्म और मानवाधिकारों के लिहाज़ से बहुत महत्त्वपूर्ण है। चाहे वह गुलामी के खिलाफ स्मरण दिवस हो, ग्रीस की स्वतंत्रता की शुरुआत हो, ईसाई धर्म में एक दिव्य घटना की याद हो, या भारत में कोरोना लॉकडाउन जैसी ऐतिहासिक घटना – यह तिथि हमें अतीत के विभिन्न पहलुओं को समझने, उनसे सीखने और एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है।
इस दिन का उद्देश्य केवल इतिहास को याद करना नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवता के लिए कार्य करने की प्रेरणा लेना भी है।
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