सीडीएसएल (CDSL) क्या है?
सीडीएसएल का पूरा नाम है सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड। इसकी स्थापना 1999 में हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई, भारत में स्थित है। CDSL भारत की अग्रणी डिपॉजिटरी कंपनियों में से एक है, जो निवेशकों को अपने शेयर, बॉन्ड, डिबेंचर, म्यूचुअल फंड यूनिट आदि इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने, ट्रांसफर करने और मैनेज करने की सुविधा देती है
सीडीएसएल कैसे काम करता है?
CDSL निवेशकों और स्टॉक मार्केट के बीच मध्यस्थ के रूप में काम करता है।
जब आप डीमैट अकाउंट खोलते हैं, तो आपकी सभी सिक्योरिटीज इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में CDSL में रिकॉर्ड की जाती है और आपको एक यूनिक डिपॉजिटरी अकाउंट नंबर मिलता है।
CDSL सीधे निवेशकों से नहीं बल्कि डिपॉजिटरी प्रतिभागियों (DP) के जरिए जुड़ा रहता है। DP ब्रोकर या बैंक हो सकते हैं जो आपके डीमैट अकाउंट खोलने में मदद करते हैं।
CDSL इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम द्वारा सिक्योरिटीज के होल्डिंग, ट्रांसफर और ट्रेडिंग को आसान, सुरक्षित और तेज़ बनाता है।
CDSL का OTP वेरिफिकेशन सिस्टम ट्रांसफर को और सुरक्षित बनाता है।
डिपॉजिटरी का मुख्य उद्देश्य
शेयर, बॉन्ड आदि फिजिकल सर्टिफिकेट के बजाय इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में रखना।
पेपर आधारित जोखिम जैसे चोरी, नुकसान, या जाली से संरक्षण।
ट्रांजैक्शन में आसानी और तेजी देना।
सिक्योरिटीज में हुए बदलाव (जैसे बोनस, डिविडेंड, राइट्स) का तुरंत और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करना।
सीडीएसएल की अन्य सेवाएं
EASI/EASIEST पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होल्डिंग एवं ट्रांजैक्शन डिटेल्स देख सकते हैं।
अपनी होल्डिंग का कंसोलिडेटेड स्टेटमेंट प्रिंट/डाउनलोड कर सकते हैं।
अन्य डीमैट अकाउंट्स में ट्रांसफर की सुविधा भी उपलब्ध है
CDSL और NSDL में अंतर
फीचर. CDSL. NSDL
स्थापना. 1999 1996
संबंध. (BSE) (NSE)
फोकस.
Cdsl - अधिक इंवेस्टर अकाउंट्स, तेजी से वृद्धि
Nsdl - बड़ा मार्केट शेयर, एडवांस टेक्नोलॉजी
सेवाएं. Cdsl - ई-लॉकर, ऑनलाइन अकाउंट एक्सेस
Nsdl - इलेक्ट्रॉनिक प्लेजिंग, ई-वोटिंग
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