FD के प्रकार (Fixed Deposit के कितने प्रकार होते हैं)
साधारण फिक्स्ड डिपॉजिट (Regular FD)
सबसे सामान्य प्रकार का FD, जिसमें पैसे एक निश्चित अवधि के लिए जमा होते हैं और उस पर तय ब्याज मिलता है।
सीनियर सिटीज़न फिक्स्ड डिपॉजिट (Senior Citizen FD)
वरिष्ठ नागरिकों के लिए होता है, जिसमें सामान्य FD से अधिक ब्याज दर मिलती है। पात्रता आयु 60 वर्ष या उससे ऊपर होती है।
टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (Tax Saving FD)
यह टैक्स बचत के लिए होता है, जिसमें निवेशक को इनकम टैक्स एक्ट के तहत कर में छूट मिलती है। लॉक-इन पीरियड आमतौर पर 5 साल होता है।
संचयी फिक्स्ड डिपॉजिट (Cumulative FD)
इसमें ब्याज हर साल कंपाउंड होता रहता है और केवल मेच्योरिटी पर मूलधन और सम्पूर्ण ब्याज का भुगतान होता है। लंबी अवधि निवेश के लिए अच्छा विकल्प।
गैर-संचयी फिक्स्ड डिपॉजिट (Non-Cumulative FD)
इसमें आपको ब्याज नियमित (मासिक, तिमाही, अर्धवार्षिक या वार्षिक) मिलता रहता है, यानी नियमित आय पाने वालों के लिए उपयुक्त।
फ्लेक्सी फिक्स्ड डिपॉजिट (Flexible FD)
यह FD आपातकालीन उपलब्धता के लिए फायदे वाला होता है, इसमें आप अपनी FD को बचत खाते से जोड़ सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अवश्य निकासी कर सकते हैं।
कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट (Corporate FD)
कंपनियों द्वारा जारी FD, जो सामान्य बैंक FD की तुलना में अधिक ब्याज दरें देते हैं, लेकिन थोड़ा अधिक जोखिम होता है।
विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट (Special FD)
बैंक द्वारा विशेष अवधी (जैसे 290 या 390 दिन) के लिए दिया जाता है, जिसमें थोड़ा अधिक ब्याज मिलता है।
FD की मुख्य विशेषताएं:
तय अवधि के लिए निवेश रहता है।
जोखिम कम होता है।
तय ब्याज दर मिलती है।
अगर तय अवधि से पहले FD तोड़ा जाए तो जुर्माना या ब्याज में कटौती होती है।
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