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28 March ko konsa divas hai

28 मार्च को कौन-सा दिवस मनाया जाता है?

हर वर्ष 28 मार्च को कई प्रकार के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाए जाते हैं। हालांकि यह तिथि किसी एक विशेष दिवस के लिए विश्व स्तर पर उतनी प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन विभिन्न वर्षों और स्थानों पर 28 मार्च से जुड़ी घटनाएं, दिवस और स्मरणीय अवसर अलग-अलग होते हैं। इस लेख में हम 28 मार्च से संबंधित महत्वपूर्ण दिवसों, ऐतिहासिक घटनाओं और सांस्कृतिक महत्त्व की जानकारी देंगे।

1. राष्ट्रीय स्तर पर 28 मार्च का महत्त्व:

भारत में 28 मार्च को किसी विशेष सरकारी या राष्ट्रव्यापी दिवस के रूप में औपचारिक रूप से नहीं मनाया जाता, लेकिन यह दिन कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा है। उदाहरण स्वरूप:

ए. स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी घटनाएं:

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान मार्च महीना बहुत सक्रिय और घटनाप्रधान रहा है। 28 मार्च को कई बार क्रांतिकारियों की गतिविधियाँ सामने आईं, यद्यपि 23 मार्च (भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव का शहीद दिवस) अधिक प्रसिद्ध है।

बी. राजनीतिक और सामाजिक घटनाएं:

भारत के विभिन्न राज्यों में 28 मार्च को अलग-अलग ऐतिहासिक और राजनीतिक घटनाएं हुई हैं जो स्थानीय स्तर पर याद की जाती हैं। उदाहरण के लिए किसी प्रमुख नेता का जन्मदिवस या पुण्यतिथि।

2. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 28 मार्च को मनाए जाने वाले दिवस:

हालांकि 28 मार्च को किसी अत्यंत प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में नहीं जाना जाता, लेकिन कुछ अवसर ऐसे हैं जो इस दिन पड़ सकते हैं या जिनका महत्त्व विशेष परिस्थितियों में हो सकता है।

ए. Teacher's Day (Czech Republic और Slovakia):

चेक गणराज्य और स्लोवाकिया में हर साल 28 मार्च को Teachers’ Day मनाया जाता है। यह दिन प्रसिद्ध शिक्षाविद और दार्शनिक जॉन आमोस कोमेन्सियस (John Amos Comenius) की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिन्हें आधुनिक शिक्षा प्रणाली का जनक माना जाता है। उन्होंने शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाने की बात कही थी।

इस अवसर पर शिक्षकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है और स्कूलों व कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

3. इतिहास में 28 मार्च को हुई महत्वपूर्ण घटनाएं:

भारत में:

1979: भारत के प्रसिद्ध गायक और अभिनेता किशोर कुमार को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।

2005: 28 मार्च को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने Right to Information (RTI) Bill का प्रारूप पेश किया था, जो आगे चलकर देश में पारदर्शिता के एक नए युग की शुरुआत बना।

विश्व में:

1979: अमेरिका में थ्री माइल आइलैंड न्यूक्लियर दुर्घटना (Three Mile Island Nuclear Accident) हुई थी, जो अमेरिका के इतिहास की सबसे गंभीर परमाणु दुर्घटनाओं में से एक मानी जाती है।

1930: तुर्की के शहर कॉन्स्टेंटिनोपल का नाम आधिकारिक रूप से इस्तांबुल रखा गया।

4. जन्म और पुण्यतिथि (28 मार्च)

जन्म:

Maxim Gorky (1868): रूसी साहित्यकार और समाज सुधारक। उन्होंने समाजवाद और श्रमिकों के अधिकारों पर कई प्रभावशाली लेख लिखे।

Dirk Bogarde (1921): ब्रिटिश अभिनेता और लेखक।

पुण्यतिथि:

Dwight D. Eisenhower (1969): अमेरिका के 34वें राष्ट्रपति, द्वितीय विश्व युद्ध के नायक और NATO के पहले सुप्रीम कमांडर।

Virginia Woolf (1941): प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखिका और नारीवादी चिंतक, जिन्होंने "Mrs. Dalloway" और "To the Lighthouse" जैसे उपन्यास लिखे।

5. धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व:

28 मार्च का धार्मिक महत्त्व हर वर्ष भिन्न होता है, क्योंकि हिन्दू पंचांग, इस्लामी कैलेंडर और ईसाई धर्म के पर्व ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार परिवर्तित होते रहते हैं। उदाहरण के लिए:

यदि 28 मार्च को होली या गुड फ्राइडे पड़ता है, तो उस वर्ष इस तिथि का धार्मिक महत्त्व अत्यधिक होता है।

हिन्दू पंचांग में, कभी-कभी 28 मार्च को एकादशी, पूर्णिमा या अमावस्या जैसे उपवास वाले दिन भी पड़ सकते हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्त्व बढ़ जाता है।

6. 28 मार्च को मनाई जा सकने वाली गतिविधियां:

भले ही यह तिथि कोई बहुत बड़ा राष्ट्रीय अवकाश या त्यौहार न हो, फिर भी इसे उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यों के लिए चुना जा सकता है:

शिक्षकों के सम्मान हेतु – विशेषकर शिक्षक दिवस के रूप में (चेक गणराज्य व स्लोवाकिया की तरह)।

ऊर्जा संरक्षण की दृष्टि से – Earth Hour जैसी पहल के तहत कभी-कभी मार्च के अंतिम सप्ताहांत में लोग एक घंटे तक बिजली बंद कर पर्यावरण के प्रति अपनी जागरूकता जताते हैं (यह तारीख हर साल बदलती है, लेकिन कई बार 28 मार्च को भी Earth Hour आता है)।

स्थानीय आयोजन – विद्यालयों, संस्थानों या सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम।

निष्कर्ष:

28 मार्च एक ऐसी तिथि है जो इतिहास, साहित्य, विज्ञान और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी घटनाओं की याद दिलाती है। हालांकि यह किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय या भारतीय अवकाश का दिन नहीं है, फिर भी इसकी प्रासंगिकता शिक्षकों, इतिहासकारों, समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों के लिए विशेष हो सकती है। यह दिन हमें यह सोचने का अवसर देता है कि हम हर दिन को किसी सकारात्मक उद्देश्य से जोड़ सकते हैं और समाज के हित में कुछ नया कर सकते हैं।

अगर आप 28 मार्च को किसी विशेष उद्देश्य के लिए मनाना चाहते हैं – जैसे पर्यावरण जागरूकता, शिक्षक सम्मान, इतिहास स्मरण या सामाजिक सेवा – तो यह तिथि आपके लिए खास बन सकती है।

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