स्टॉक मार्केट में ब्रोकर की भूमिका:
वे खरीदार और विक्रेता के बीच लेन-देन को अंजाम देते हैं।
ग्राहक की ओर से शेयरों का खरीद-बिक्री का ऑर्डर लेते और उसका निष्पादन करते हैं।
लेन-देन के लिए कमीशन या शुल्क लेते हैं।
निवेशकों को बाजार की जानकारी, निवेश सलाह, और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में सहायता देते हैं।
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मुहैया कराते हैं जिससे ऑनलाइन ट्रेडिंग आसान होती है।
ब्रोकर क्यों आवश्यक हैं?
निवेशक सीधे स्टॉक एक्सचेंज में शेयर नहीं खरीद सकते, इसलिए उन्हें एक ब्रोकर की जरूरत होती है जो उनके लिए ये क्रियाएं संपन्न कराए। ब्रोकर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा नियन्त्रित और लाइसेंस प्राप्त होते हैं।
ब्रोकर के प्रकार
व्यक्तिगत ब्रोकर या ब्रोकर फर्म हो सकते हैं।
डिस्काउंट ब्रोकर जो कम शुल्क पर ट्रेडिंग की सुविधा देते हैं।
संक्षेप में, स्टॉक मार्केट में ब्रोकर आपके निवेशों के लिए मार्गदर्शक, प्रतिनिधि और लेन-देन करने वाला मध्यस्थ होता है जो आपको बाजार में निवेश करने की पूरी प्रक्रिया में मदद करता है।
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