स्मॉल कैप (Small Cap) क्या है:

स्मॉल कैप कंपनियां वे होती हैं जिनका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (बाजार पूंजीकरण) ₹500 करोड़ या उससे कम होता है।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन से मतलब है कंपनी के सभी बकाये शेयरों का कुल बाजार मूल्य, जो शेयर की कीमत और शेयर की संख्या के गुणा से निकाला जाता है।

ये कंपनियां आमतौर पर छोटी, नई या कम स्थापित होती हैं, जो विकास के शुरुआती चरण में होती हैं।

स्मॉल कैप स्टॉक्स अस्थिर होते हैं और इनमें उच्च जोखिम होता है, लेकिन इनमें बढ़ने की क्षमता भी ज्यादा होती है।

यह निवेशकों के लिए उपयुक्त होते हैं जो उच्च रिटर्न के लिए अधिक जोखिम लेने को तैयार हों।

अन्य बातें:

स्मॉल कैप कंपनियों के शेयर सार्वजनिक रूप से स्टॉक एक्सचेंजों पर ट्रेड होते हैं।

भारतीय बाजार में, पहली 100 कंपनियां लार्ज कैप, 101-250 मिड कैप, और 251 के बाद स्मॉल कैप कंपनियां मानी जाती हैं।
स्मॉल कैप स्टॉक्स बड़े स्टॉकों की तुलना में लिक्विडिटी में कम होते हैं और मूल्य अस्थिर होता है।

संक्षेप में, स्मॉल कैप वे छोटे आकार की कंपनियां हैं जिनमें विकास का अधिक अवसर होता है, लेकिन वे जोखिम भी ज्यादा उठाती हैं।