परीक्षा में Weightage:
परीक्षा में weightage का अर्थ होता है किसी विषय या चैप्टर को दिए गए अंकों का हिस्सा या कोटा।
उदाहरण के लिए, अगर किसी परीक्षा में एक चैप्टर का weightage 20% है, तो उस चैप्टर के प्रश्न पूरे पेपर के 20% अंक के बराबर होते हैं।
यह छात्र को यह समझने में मदद करता है कि किस विषय या चैप्टर पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है।
JEE जैसे एग्जाम में 12वीं के अंकों को 40% weightage देना इसका उदाहरण है।
शेयर बाजार में Weightage:
शेयर बाजार में, weightage एक स्टॉक का उस इंडेक्स में हिस्सा होता है।
यह असल में बताता है कि उस स्टॉक का प्रदर्शन इंडेक्स के कुल प्रदर्शन को कितना प्रभावित करेगा।
ज्यादा market capitalization वाला शेयर अधिक weightage रखता है, इसलिए उसका प्रभाव सूचकांक पर ज्यादा होता है।
उदाहरण: यदि निफ्टी में एक कंपनी का बाजार पूंजीकरण कुल का 5% है, तो उसकी weightage 5% होगी।
अन्य जगहों पर:
जैसे बोर्ड परीक्षा में किसी विषय या चैप्टर के प्रश्नों का कितना weightage है, यह छात्रों को तैयारी के लिए मार्गदर्शन देता है।
इससे समय और ऊर्जा का सही प्रबंधन संभव होता है।
संक्षेप में, weightage यह बताता है कि किसी चीज़ का कुल में कितना महत्व या हिस्सा है, जो निर्णय लेने और तैयारी के लिए उपयोगी होता है। यह अवधारणा शिक्षा, वित्त और अन्य क्षेत्रों में व्यापक रूप से अपनाई जाती है।
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