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surya bhedan pranayam kya hai kaise kre

सूर्य भेदन प्राणायाम (Surya Bhedana Pranayama) शरीर में ऊर्जा और गर्मी बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली अभ्यास है। इसे "Right Nostril Breathing" भी कहा जाता है।
इसे करने की सही विधि नीचे दी गई है:
तैयारी
 * आसन: किसी भी आरामदायक मुद्रा में बैठें (जैसे सुखासन, सिद्धासन या पद्मासन)।
 * मुद्रा: बाएं हाथ को घुटने पर 'ज्ञान मुद्रा' में रखें। दाहिने हाथ से 'विष्णु मुद्रा' (तर्जनी और मध्यमा उंगली को हथेली की ओर मोड़ लें) बनाएं।
 * शरीर: कमर और गर्दन को सीधा रखें और आंखें कोमलता से बंद कर लें।
स्टेप-बाय-स्टेप विधि
 * दाहिनी ओर से सांस लें: अनामिका (ring finger) से बाईं नासिका (left nostril) को बंद करें। अब दाहिनी नासिका (right nostril) से गहरी और धीमी सांस अंदर खींचें।
 * सांस रोकें (कुंभक): अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड के लिए सांस को अंदर रोकें। (शुरुआत में इसे छोड़ भी सकते हैं)।
 * बाईं ओर से छोड़ें: अब अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से धीरे-धीरे पूरी सांस बाहर निकाल दें।
 * दोहराएं: ध्यान रहे कि हर बार सांस केवल दाहिनी तरफ से ही लेनी है और बाईं तरफ से ही छोड़नी है।
इसे शुरुआत में 5 से 10 बार दोहराएं।
सावधानियां और सुझाव
 * समय: इसे खाली पेट करना सबसे अच्छा है। सुबह का समय इसके लिए उत्तम है।
 * गर्मी: चूंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है, इसलिए इसे गर्मियों के मौसम में बहुत अधिक न करें।
 * किसे नहीं करना चाहिए: हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, या शरीर में बहुत अधिक पित्त (acid) होने पर इसे करने से बचें।
फायदे
 * यह पाचन शक्ति (Digestive fire) को बढ़ाता है।
 * सुस्ती दूर करता है और शरीर को ऊर्जावान बनाता है।
 * साइनस और कफ से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है।

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