लिक्विड फंड एक प्रकार का डेट म्यूचुअल फंड है जो मुख्य रूप से अल्पकालिक (91 दिनों तक की) निश्चित आय वाले निवेश साधनों जैसे ट्रेजरी बिल, कमर्शियल पेपर, जमा प्रमाणपत्र (CD), और अन्य सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करता है। इनकी सबसे बड़ी विशेषता है उच्च तरलता, यानी आप अपना पैसा जल्दी निकाल सकते हैं—अक्सर 24 घंटे के अंदर ही रिडेम्प्शन हो जाता है। इसमें लॉक-इन अवधि नहीं होती और कम जोखिम होता है क्योंकि ये सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाले और शॉर्ट-टर्म सिक्योरिटीज़ में निवेश करते हैं.
लिक्विड फंड कैसे काम करते हैं?
ये कई निवेशकों से पैसा जमा करते हैं।
प्रोफेशनल फंड मैनेजर पूरे पैसे को शॉर्ट-टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं।
इनमें ब्याज दर का जोखिम बेहद कम होता है।
जब आपको पैसों की ज़रूरत हो, तो तुरंत रिडेम्प्शन संभव है—आमतौर पर अगले दिन पैसा मिल जाता है.
लिक्विड फंड के फायदे:
उच्च लिक्विडिटी: पैसों की आसानी से उपलब्धता।
कम जोखिम: सुरक्षित डेट सिक्योरिटीज़ में निवेश।
बेहतर रिटर्न: बैंक सेविंग या एफडी अकाउंट के मुकाबले ज़्यादा रिटर्न मिलता है—अक्सर 7% से 9% तक की उम्मीद की जाती है।
कोई लॉक-इन नहीं: निवेशक कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।
कम खर्च (Expense Ratio): म्यूचुअल फंड की तुलना में इसमें खर्च कम होता है.
किसे निवेश करना चाहिए?
अगर आप अपने अतिरिक्त पैसों को थोड़े समय के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं और बैंक अकाउंट या FD से बेहतर रिटर्न पाना चाहते हैं, तो लिक्विड फंड एक अच्छे विकल्प हो सकते हैं। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो कम जोखिम और त्वरित नकदी की आवश्यकता रखते हैं.
संक्षिप्त विवरण:
निवेश अवधि: 91 दिन तक
तरलता: बहुत अधिक
जोखिम स्तर: बहुत कम
रिटर्न: नियमित बचत या FD से अधिक
इस तरह, लिक्विड फंड कम समय के लिए सुरक्षित, तरल एवं बेहतर रिटर्न देने वाला निवेश विकल्प है।
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