लम्पसम इन्वेस्टमेंट एक ऐसा निवेश तरीका है जिसमें व्यक्ति अपनी पूरी राशि एक ही बार में निवेश करता है, न कि किश्तों में या नियमित अंतराल (जैसे SIP) पर थोड़ा-थोड़ा निवेश करने के बजाय। उदाहरण के लिए, यदि किसी के पास ₹1 लाख है और वह इसे एक साथ किसी फंड या योजना में निवेश कर देता है, तो इसे लम्पसम इन्वेस्टमेंट कहा जाएगा.
मुख्य विशेषताएँ
एकमुश्त निवेश: पूरी रकम एक साथ किसी वित्तीय साधन में लगाई जाती है, जैसे म्यूचुअल फंड, FD, शेयर, आदि.
संभावित लाभ: यदि निवेश के बाद बाज़ार अच्छी तरह करता है, तो पूरे निवेश पर तत्काल लाभ संभव है.
मार्केट टाइमिंग: लम्पसम निवेश का रिटर्न इस बात पर बहुत निर्भर करता है कि आपने किस समय मार्केट में पैसा लगाया है.
जोखिम: ज्यादा जोखिम क्योंकि पूरी राशि एक बार में मार्केट के उतार-चढ़ाव के सामने होती है, जबकि SIP में यह जोखिम कम हो जाता है.
लम्पसम इन्वेस्टमेंट के फायदे
कंपाउंडिंग का पूरा लाभ: पूरी राशि एक साथ निवेश होने के कारण कंपाउंडिंग की शक्ति आपको ज्यादा फायदा देती है.
प्रोफेशनल फंड मैनेजमेंट (म्यूचुअल फंड में): अनुभवी फंड मैनेजर निवेश को सही जगह लगाते हैं.
डाइवर्सिफिकेशन: एकमुश्त राशि कई एसेट्स व सेक्टर्स में लग सकती है, जिससे रिस्क कम होता है.
लिक्विडिटी: जरूरत पड़ने पर फंड्स को रिडीम या निकाल सकते हैं, खासतौर से ओपन-एंडेड स्कीम्स में.
उच्च रिटर्न की संभावना: यदि मार्केट लंबे समय तक अच्छा रहा तो रिटर्न प्रभावशाली हो सकता है.
कब करें लम्पसम निवेश?
अगर आपके पास एक बार में बड़ी रकम है (जैसे बोनस, विरासत, प्रॉपर्टी की बिक्री).
जब मार्केट गिरावट में हो (अंडरवैल्यूएशन पर खरीदने के लिए).
लंबे समय के लिए निवेश योजना हो और वोलाटिलिटी की परवाह न हो.
ध्यान देने योग्य बातें
लम्पसम निवेश के लिए फंड/स्कीम का चुनाव निवेश अवधि, जोखिम क्षमता और फाइनेंशियल गोल्स पर निर्भर करता है।
यदि आप मार्केट को ठीक से परख सकते हैं और उतार-चढ़ाव सह सकते हैं, तो लम्पसम रणनीति अपनाएं.
सलाहकार से सलाह लें, खासकर अगर बड़ी राशि निवेश कर रहे हैं या रिटायरमेंट के करीब हैं.
अतिरिक्त उपयोग
लम्पसम कैलकुलेटर: ऑनलाइन टूल्स उपलब्ध हैं, जहाँ आप अपने निवेश की राशि, अवधि और अपेक्षित रिटर्न डालकर संभावित लाभ देख सकते हैं.
निष्कर्ष
लम्पसम इन्वेस्टमेंट एकमुश्त राशि को एक साथ किसी योजना/फंड/स्कीम में डालने का तरीका है — यह आपको कंपाउंडिंग का फायदा और संभावित उच्च रिटर्न देता है, लेकिन इससे जुड़ा जोखिम भी अधिक है। इसका चुनाव आपकी फाइनेंशियल स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और बाजार की जिंदगी पर निर्भर करता है।
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